जम्मू और कश्मीर

रामबन के 88 बर्फीले गांवों में जनगणना 2027 की तैयारी तेज 426 गणनाकर्ता होंगे तैनात

Kavita2
20 Aug 2026 11:50 AM IST
रामबन के 88 बर्फीले गांवों में जनगणना 2027 की तैयारी तेज 426 गणनाकर्ता होंगे तैनात
x

रामबन। जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जिले के बर्फबारी प्रभावित 88 गांवों में जनगणना कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए विशेष योजना तैयार की गई है। इन क्षेत्रों में रहने वाले 2,27,785 लोगों की गणना के लिए कुल 388 एन्यूमरेशन ब्लॉक बनाए गए हैं।

प्रशासन ने जनगणना कार्य को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए 426 गणनाकर्ताओं और 78 पर्यवेक्षकों की तैनाती की योजना बनाई है। अधिकारियों का कहना है कि बर्फबारी वाले दुर्गम क्षेत्रों में जनगणना कार्य को समय पर पूरा करना एक चुनौतीपूर्ण काम है, इसलिए पहले से ही विस्तृत तैयारी की जा रही है।

जनगणना संचालन निदेशक एवं मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी अमित शर्मा ने बुधवार को रामबन में एक बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में जिले के अधिकारियों और संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान बर्फीले इलाकों में जनगणना प्रक्रिया को लेकर विशेष चर्चा की गई।

अमित शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बर्फबारी वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सेल्फ एन्यूमरेशन यानी स्वयं जनगणना की प्रक्रिया के बारे में अधिक से अधिक जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि लोगों को इस सुविधा के बारे में जागरूक करना जरूरी है, ताकि वे आसानी से अपनी जानकारी दर्ज करा सकें।

सेल्फ एन्यूमरेशन की प्रक्रिया 17 अगस्त से शुरू हो चुकी है और यह 31 अगस्त तक जारी रहेगी। इसके लिए लोगों को विभिन्न माध्यमों से जानकारी देने और जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।

अधिकारियों के अनुसार, दुर्गम और बर्फीले क्षेत्रों में मौसम की परिस्थितियां जनगणना कार्य को प्रभावित कर सकती हैं। भारी बर्फबारी के कारण कई बार गांवों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में सेल्फ एन्यूमरेशन की सुविधा लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है।

प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले के प्रत्येक व्यक्ति की जानकारी सही तरीके से दर्ज की जाए। इसके लिए गणनाकर्ताओं और पर्यवेक्षकों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि वे कठिन परिस्थितियों में भी अपना काम बेहतर तरीके से पूरा कर सकें।

रामबन जिले के कई इलाके सर्दियों में भारी बर्फबारी से प्रभावित होते हैं। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक पहुंचने के लिए प्रशासन को विशेष व्यवस्था करनी पड़ती है। जनगणना जैसे बड़े अभियान में ऐसे क्षेत्रों के लिए अलग रणनीति बनाई जाती है।

बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे स्थानीय लोगों, पंचायत प्रतिनिधियों और अन्य माध्यमों के जरिए सेल्फ एन्यूमरेशन के बारे में प्रचार करें। लोगों को बताया जाएगा कि वे किस तरह अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं और इस प्रक्रिया से जुड़ सकते हैं।

जनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रियाओं में से एक है। इसके जरिए देश की जनसंख्या, सामाजिक स्थिति, आर्थिक स्थिति और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई जाती हैं। इन आंकड़ों का इस्तेमाल सरकार की नीतियां और योजनाएं तैयार करने में किया जाता है।

अधिकारियों का कहना है कि जनगणना-2027 को सफल बनाने के लिए तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। सेल्फ एन्यूमरेशन जैसी सुविधाओं से लोगों की भागीदारी बढ़ाने और प्रक्रिया को आसान बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

रामबन प्रशासन ने कहा है कि जनगणना कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

गणनाकर्ताओं और पर्यवेक्षकों की तैनाती के बाद अब उन्हें क्षेत्रवार जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। विशेष रूप से बर्फबारी वाले गांवों में पहुंच, मौसम की स्थिति और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कार्य योजना तैयार की जाएगी।

प्रशासन को उम्मीद है कि बेहतर तैयारी और स्थानीय लोगों के सहयोग से रामबन जिले में जनगणना का काम सफलतापूर्वक पूरा किया जाएगा। सेल्फ एन्यूमरेशन अभियान के जरिए अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

Next Story